वो सीली-सीली यादें...

धो-पोंछ के रख दी थी न हर बात???
उलझी-बिखरी,
खट्टी-मीठी,
इधर-उधर की... हर याद
हर हंसी,
हर मज़ाक,
हर अठखेली,
हर फ़रियाद,
हर अहसास,
हर जज़्बात...
फिर क्यों, यूं अचानक???
वापस आ रहे हैं वो पल...
और क्यों सता आ रहीं हैं
उन पलों की वो सीली-सीली यादें...

33 comments:

  1. "वापस आ रहे हैं वो पल ....
    और क्यों सता रही हैं
    उन पालो की वो सीली सीली यादें..."

    क्योंकि उन बातों और उन पलों से चाह कर भी पीछा नहीं छुड़ाया जा सकता।


    सादर

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  2. ये यादें जीवन के खट्टे कडवे अहसासों के कम करने के लिए कारगर होती हैं ....
    शुभकामनायें आपको !

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  3. ये यादें उम्र भर पीछा कहाँ छोडती हैं, चाहे आप कितनी भी कोशिश क्यों न करें...बहत सुंदर प्रस्तुति..

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  4. सुन्दर कविता
    ये यादे ही तो है जिनसे जीवन महकता है
    शुभकामनाये

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  5. बातें कहाँ भुलाये भूलती हैं।

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  6. नींद पूरी हुई उनकी , या तुम्हारे मन ने उनको झाँका ... कारण जो भी हो, यादें कब साथ छोडती हैं !

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  7. ab yadein to yadein hi hai...
    ikhtiyaar kiska hai in par,
    baharhal khubsurat rachana...

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  8. यादें कभी पीछा नहीं छोडती है , सुंदर भाव ....

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  9. यादें कभी पीछा नहीं छोडती है
    सुन्दर सटीक ..बहुत सुन्दर प्रस्तुति...पढ़ कर आनंद आया ..

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  10. भाव युक्त शब्दों का उतनी ही सुन्दर तस्वीर के साथ अद्भुत संयोजन...सादर !!!

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  11. Yadon ko kab kaun bhula paya hai aajtak?

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  12. उन पलों की सीली - सीली यादें ...
    भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए बधाई !!!

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  13. वो भूली दास्तां लो फिर आंखें भिगा गईं ...

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  14. यादें तो यादें हैं जो भूलाये नहीं भूलती...भावपूर्ण प्रस्तुति..

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  15. दरअसल यादें ही तो जिंदगी है ..अच्छी रचना

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  16. वाह ...बहुत खूब यादों के संग गुजरता वक्‍त ...।

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  17. धो-पोंछ कर रख दी थी यादें, पूरी तरह सहेज कर, इस कविता को पढ़ते हुए ऐसे कई बिंब याद आते हैं जो गुलजार ने अपने गीतों में लिखे हैं। ताजा फूलों की खुशबू लिए कविता

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  18. बहुत ही सुन्दर कविता बधाई पूजा जी

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  19. यादें ऐसे ही सताती हैं ... भिगो जाती हैं अंदर तक ...

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  20. ये यादें जीवन के खट्टे कडवे अहसासों के कम करने के लिए कारगर होती हैं। शुभकामनायें !

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  21. aap sabhi ka bahut-bahut shukriya... :)
    yahi aashirwaad aur saath banayen rakhen...

    @Badi Maa... na jane kya hua... par kuch to tha... :)

    @Mai aur mera parivesh... baba re... aisi baat... dhanya ho gai ki meri koi line aapko "Gulzar ji" ki yaad dila de... meri lekhni dhanya hui... :)

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  22. पूजा जी बहुत ही सुंदर रचना है !
    देर से आया हूँ मगर दुरुस्त आया हूँ !

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  23. Pooja ji ,
    hamare blog par bhi darshan de
    hum prtiksha me hain

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  24. love this post..i enjoyed much!!
    you are so talented and pretty

    From everything is canvas

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  25. इस पोस्ट के लिए धन्यवाद । मरे नए पोस्ट :साहिर लुधियानवी" पर आपका इंतजार रहेगा ।

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  26. sach yaadein asi hi hoti hai..bahut sundar
    mere blog par bhi aapka swagat hai :)

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  27. हाय सब,

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  28. saheji hui yaaden... aise hi tang karti hai:)

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  29. बहुत सुद्नर आभार आपने अपने अंतर मन भाव को शब्दों में ढाल दिया
    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    एक शाम तो उधार दो

    आप भी मेरे ब्लाग का अनुसरण करे

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